Best 2000+ Dukh Bhari Shayari In Hindi With Images 2020

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Best 2000+ Dukh Bhari Shayari In Hindi With Images 2020

140 Dukh Bhari Shayari Hindi

Best 2000+ Dukh Bhari Shayari In Hindi With Images 2020

Dukh Bhari Shayari

कितना अच्छा होता अगर मेरी ज़िन्दगी भी उस किताब की तरह होती…..जिसके पिछले पन्नों पर…सभी सवालों के जवाब लिखे होते हैDukh Bhari Shayariन जाने क्यों हमें आँसू बहाना नहीं आता!न जाने क्यों हाल-ऐ-दिल बताना नहीं आता!क्यों सब दोस्त बिछड़ गए हमसे!शायद हमें ही साथ निभाना नहीं आता!

Dukh Bhari Shayari

मुस्कराने के मकसद न ढूँढो…वर्ना जिन्दगी यूँ ही कट जाएगी…कभी बेवजह भी मुस्कुरा के देखोआपके साथ साथ जिन्दगी भी मुस्कराएगी ॥Dukh Bhari Shayariबहोत लोग मिले पर वो महोबत ना मिली जिसकी चाहत थीवो किस्मत ना मिली जिनके लिये बैठे हैइंतजार मे उन्हे हमारे लिएएक पल की फुरसत ना मिली

Dukh Bhari Shayari

मैंने अपनी हर एक सांस तुम्हारी गुलाम कर रखी है,लोगो में ये ज़िन्दगी बदनाम कर रखी है,अब ये आइना भी किस काम का मेरे,मैंने तो अपनी परछाई भी तुम्हारे नाम कर रखी है.Dukh Bhari Shayariरिश्ते किसी से कुछ यूँ निभा लो,कि उसके दिल के सारे गम चुरा लो;इतना असर छोड दो किसी पे अपना,कि हर कोई कहे हमें भी अपना बना लो।



Dukh Bhari Shayari

उल्फत का अक्सर यही दस्तूर होता है,जिसे चाहो वही अपने से दूर होता है,दिल टूटकर बिखरता है इस कदर ,जैसे कोई कांच का खिलौना चूर-चूर होता है!Dukh Bhari Shayariइत्तेफ़ाक़ से ही सही मगर मुलाकात हो गयी;ढूंढ रहे थे हम जिन्हें उन से बात हो गयी;देखते ही उन को जाने कहाँ खो गए हम;बस यूँ समझो वहीं से हमारे प्यार की शुरुआत हो गयी।Dukh Bhari Shayariतन्हाई का उसने मंज़र नहीं देखा,अफ़सोस की मेरे दिल के अन्दर नहीं देखा,दिल टूटने का दर्द वो क्या जाने……,वो लम्हा उसने कभी जी कर नहीं देखा.Dukh Bhari Shayariतालीमें नहीं दी जाती परिंदों को उड़ानों की वो खुद हीतय करते है, ऊंचाई आसमानों की रखते हैजो हौसला आसमान को छूने का वो नहीकरते परवाह जमीन पे गिर जाने की।Dukh Bhari Shayariतुम जो ये मशवरा-ए-तर्क-ए-वफा देते होउम्र एक रात नहीं हैजो गुज़र जायेगी उनकी यादों का तसलसुलजो कहीं टूट गया ज़िन्दगी तू मेरी नज़रों से उतर जायेगी

New Dukh Bhari Shayari 2020

Dukh Bhari Shayari

कदम जब चूम ले मंज़िल तो जज़्बा मुस्कुराता हैदुआ लेकर चलो माँ की तो रस्ता मुस्कुराता हैकिया नाराज़ माँ को और बच्चा हँस के ये बोला के ये माँ हैमियाँ इसका तो गुस्सा मुस्कुराता हैकिताबों से निकलकर तितलियाँ ग़ज़लेँ सुनाती हैँटिफिन रखती है मेरी माँ तो बस्ता मुस्कुराता हैसभी रिश्ते यहाँ बर्बाद हैँ मतलब परस्ती सेमगर सदियों से माँ-बेटे का रिश्ता मुस्कुराता है।सुबह उठते ही जब मैँ चूमता हूँ माँ की आँखों कोख़ुदा के साथ उसका हर फरिश्ता मुस्कुराता हैमेरी माँ के बिना मेरी सभी ग़ज़लेँ अधूरी हैँअगर माँ लफ़्ज़ शामिल हो तो किस्सा मुस्कुराता हैवो उजला हो के मैला हो या मँहगा हो के सस्ता होये माँ का सर है इस पे हर दुपट्टा मुस्कुराता हैफरिश्तों ने कहा आमाल का संदूक क्या खोलेँ दुआ लाया हैमाँ की, इसका बक्सा मुस्कुराता है।

Dukh Bhari Shayari

भीगी हुई आँखों का ये मंज़र न मिलेगाघर छोड़ के मत जाओ कहीं घर न मिलेगा iफिर याद बहुत आयेगी ज़ुल्फ़ों की घनीशाम जब धूप में साया कोई सर पर न मिलेगा Iआँसू को कभी ओस का क़तरा न समझनाऐसा तुम्हें चाहत का समुंदर न मिलेगा Iइस ख़्वाब के माहौल में बे-ख़्वाब हैंआँखें बाज़ार में ऐसा कोई ज़ेवर न मिलेगा Iये सोच लो अब आख़िरी साया हैमुहब्बत इस दर से उठोगे तो कोई दर न मिलेगा I’‘ इंसां की ख़्वाहिशों की कोई इंतिहा नहीं ।दो गज़ ज़मीं भी चाहिये दो गज़ कफ़न के बाद।।लौ दे उठे हवा कभी दामन तो क्या अजब।यूंही चराग़ उलझते रहे गर हवा के साथ ।।

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